अक्सर प्यार करने को दिल चाहता हैअक्सर तुझे पाने को दिल चाहता है
तेरी सुर्ख लबों से निकली आहों को
अपने होटों से छूने का दिल चाहता है
अक्सर रातों में तेरा ख्याल आता है
बंद आँखों से तेरा दीदार होता है
खुली जो आंखे मेरी तो
तुझे खोने का डर सताता है
तू जो आये सामने
तुझे बाँहों में कसने को दिल चाहता है
तेरी खुशबु में, तेरी आँखों में
खुद को खोने को दिल चाहता है.
दर्द तुझे हो तुझे तो
मुझे रोने को दिल चाहता है
तेरी हर तकलीफ में
तेरा साथ देने को दिल चाहता है
पर चाहत और हकीकत का फर्क
फलक ज़मीन का होता है
तेरी हर मुस्कान पर
इस ज़मीन पर फलक को लाने को दिल चाहता है.